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आरएपी/पीएपी (प्रतिबंधित/संरक्षित क्षेत्र परमिट)

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए परिपत्र के अनुसार मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड राज्यों के समस्त क्षेत्रों को विदेशियों विषयक (संरक्षित क्षेत्र) आदेश 1958 के तहत अधिसूचित संरक्षित क्षेत्र शासन से कुछ शर्तों के अध्यधीन 1.1.2011 से प्रारंभ में एक वर्ष की अवधि के लिए निकाल दिया गया है । गृह मंत्रालय की अंतर्विभागीय टिप्पणी सं.13/6/99-एनई-॥ खंड v, दिनांक 23.3.2013 के तहत गृह मंत्रालय द्वारा छूट की अवधि 31 दिसंबर, 2012 तक बढ़ा दी गई है ।

 

 

 

 

संरक्षित क्षेत्र परमिट (पीपीपी) –


विधिक प्रावधान विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946[PDF](0 bytes) के तहत जारी किए गए विदेशियों विषय के (संरक्षित क्षेत्र) आदेश 1958 के अंतर्गत[PDF](0 bytes) उक्त आदेश में यथा परिभाषित "इनर लाइन" (यह लाइन गृह मंत्रालय द्वारा परिभाषित की गई है) और राज्य के अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर के बीच आने वाले समस्त क्षेत्रों को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है ।

भूटान को छोड़कर प्रत्येक विदेशी नागरिक को, जो संरक्षित क्षेत्र या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना या ठहरना चाहता है, ऐसे सक्षम प्राधिकारी से विशेष परमिट प्राप्त करना अपेक्षित होता है िजसे आवेदन करने पर किसी विदेशी नागरिक की विशेष परमिट जारी करने की शक्तियां प्रत्यायोजित की गई हैं ।

तथापि, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चार या अधिक ग्रुप में दम्पति के रूप में अथवा अलग-अलग व्यक्ति के रूप में विदेशी नागरिक सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक परमिट प्राप्त करने के बाद कुछ अधिसूचित पर्यटन सर्किटों तक की यात्रा कर सकते हैं ।

उपर्युक्त का उल्लंघन करने वाले किसी को विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 के प्रावधानों की धारा 14 के अंतर्गत दंड दिया जा सकता है, जो नीचे उद्धृत किया गया हैः-

"यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के प्रावधानों या इसके तहत दिए गए किसी आदेश, या इस अधिनियम के अनुसरण में दिए गए निदेश या ऐसे आदेश का उल्लंघन करता है तो एक नियत अवधि जो पांच वर्ष तक हो सकती है के कारावास दंड दिया जएगा तथा साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है तथा यदि ऐसे व्यक्ति ने धारा 3 की उप-धारा (2) के खंड (च) के अनुसरण में बंधपत्र निष्पादित किया है तो उसका बंधपत्र जब्त कर दिया जाएगा तथा ऐसे व्यक्ति को जुर्माने का भुगतान करना होगा या दोषसिद्ध करने वाले न्यायालय की संतुष्टि के अनुसार कारण बताना होगा कि उसे जुर्माने का भुगतान क्यों नहीं करना चाहिए ।".

वर्तमान में संरक्षित क्षेत्र नीचे दिए अनुसार हैं :-

 

  1. समूचा अरुणाचल प्रदेश
  2. समूचा मणिपुर
  3. समूचा मिजोरम
  4. समूचा नागालैंड
  5. समूचा सिक्किम (आंशिक प्रतिबंधित क्षेत्र तथा आंशिक संरक्षित क्षेत्र)

 

सिक्किम के कुछ क्षेत्रों जो राज्य के अंतर्गत पश्चिम बंगाल-सिक्किम सीमा और "इनर लाइन " के बीच में आते हैं, प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है ।

 
राज्य के शेष क्षेत्र, जो इनर लाइन और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के बीच मे आते हैं, संरक्षित क्षेत्र हैं ।

 

2. प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (आरएपी) – विधिक प्रावधान

 

विदेशियों विषयक (प्रतिबंधित) क्षेत्र आदेश 1963 के अंतर्गत[PDF](0 bytes) कोई भी विदेशी नागरिक सक्षम प्राधिकारी से परमिट प्राप्त किए बिना "प्रतिबंधित क्षेत्रों" में प्रवेश या ठहर नहीं सकता है । यह सिक्किम के एक भाग पर लागू होता है ।

 

4. क्षेत्र जहां लागू होता है – सक्षम प्राधिकारी से पीएपी प्राप्त करने के बाद विदेशी नागरिकों को यात्रा करने की अनुमति दी जाती है ।

 

अरुणाचल प्रदेश :


(4 अथवा अधिक व्यक्तियों वाले दल को 10 दिन के लिए अनुमति)

 

  1. आलोंग, देपोरिजो, ईटानगर, पासीघाट, जीरो
  2. मियाओ, नामदाफा, सेजू (पुली), सेजुला (पुकी) टीपी
  3. भालूकपोंग
  4. पासीघाट-जेंग्गीग-यिंगकियोंग
  5. भालुकपोंग - बोमीडिला-तवांग
  6. रोइंग-मायोडिला-अनिनी
  7. तेजू-हायुलिंग

 

मणिपुर (वर्तमान में कोई प्रतिबंध नहीं है । कृपया पृष्ठ के सबसे ऊपर पैरा 1 देखें )


(4 अथव्ज्ञ अधिक व्यक्तियों वाले दल को 5 दिन के लिए अनुमति)

 

  1. इंफाल – बिशनपुर – फुबला-माइटंग-सेंद्र-केइबुल-लमजाओ-इंफाल
  2. इंफाल-मोइरंग झील-केईबुल लमजाओ-चद्रपुर-खुगा-इंफाल
  3. इंफाल-लितान-उखरूल-शिरॉम-संगसौ।इंफाल
  4. इंफाल थूबल-वाइथू झील-खोंगजाम-काकचिंग-थोंगजाओ-वाइखोंग-सुग्नु-इंफाल
  5. इंफाल-खोंधामपट-कांगलातोम्बी-कांगपोकपी-सेनापति-करोंग-मोओगेट-इंफाल
  6. इंफाल-नोनेह-खोंगसंग-नुंगना-जिरीबम-सिल्चर

 

मिजोरमः (वर्तमान में कोई प्रतिबंध नहीं है । कृपया पृष्ठ के सबसे ऊपर पैरा 1 देखें)


(4 अथवा अधिक व्यक्तियों के दल अथवा विवाहित दंपतियों को 10 दिन के लिए अनुमति)

 

  1. आइजॉल
  2. थिंगडावल
  3. वाइंटगटै

 

पर्यटक दलों से केवल निम्नलिखित निर्धारित पर्यटन सर्किटों पर चात्रा करने की अपेक्षा की जाती हैः-

 

  1. कोलकाता/गुवाहाटी से आइजॉल तक हवाई जहाज से अथवा गुवाहाटी से आईजोल तक सड़क द्वारा
  2. गुवाहाटी-शिलांग-सिलचर-आइजॉल
  3. आइजॉल-थिंगडावल-आइजॉल
  4. आइजॉल-वाइंटगटे-आइजॉल

 

नागालैंड (वर्तमान में कोई प्रतिबंध नहीं है । कृपया पृष्ठ के सबसे ऊपर पैरा 1 देखें)


(4 अथवा अधिक व्यक्तियों के दल अथवा विवाहित दंपतियों को 10 दिन के लिए अनुमति)

 

  1. दीमापुर जिला-दीमापुर शहर, चुमकीदुमा, सुथेकिया तथा कोहिमा शहर जाने वाले मार्ग में राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर आने वाले सभी स्थान
  2. कोहिमा जिला-कोहिमा शहर, खोनेमा, डीजुलकी, किगवेमा, जाखमा, विस्वेमा, खुजामा, जाफू, डीजुकु घाटी
  3. मोकोंगचुंग जिला – मोकोंगचुंग शहर, लुंगखुम, डंगमा, इम्पुर, मोपुंगोहुकित, चुचीयिमलांग, तुली, चंकी
  4. वोखा जिला-वोखा शहर, दोयांग, वांखोसांग, सुनकी, गर्वनर कैंप और मांउट तियी, Governor's camp and Mount Tiyi
  5. मोन जिला-मोन शहर, चुई और शांगयू
  6. फेक जिला-तेनसांग जिला
  7. तुएनसांग जिला – तुएनसांग जिला
  8. जुनहेबोतो जिला- जुनहेबोतो शहर

 

सिक्किम (आंशिक प्रतिबंधित क्षेत्र और अंशित संरक्षित क्षेत्र);

 

( 4 अथवा अधिक व्यक्तियों के दल को 15 दिन के लिए अनुमति)

 

पीएपी के अंतर्गत आने वाले स्थान नीचे दिए गए हैं :

 

  1. गंगटोक, रूमटेक, फोडोंग, पेमायुतंगसे, खेचोपेरी, ताशिडिंग
  2. जोंगरी
  3. तसंगु (छंगू)
  4. मंगन, सिंधिक, टोंग, चुंगथांग, लचुंग, युमथांग
  5. गंगटोक-पेनलोंग-तिनजुरे-रूमटेक/मारतेम
  6. गंगटोक-चुंगथांग-लाचेन-थनगु मंगन-लिंगजिया-शबरूंग-तालुंग-मोनेस्ट्री-किसोंग (योबोक को छोड़कर)
  7. मंगन-लिंगजिया-स्काईयोग-रोयोत पतम (गोचला को छोड़कर) - योकसम
  8. युमथांग-फणी-पुनीचोका-तारूम चाचू-चुंगथांग-दिकचू-फोडोंग लब्रांग-नामतम-मंगन-मलिंग-सिंधिक-समरटेक-चुंगथांग
  9. लाचुंग-युंगथांग-युमे-लाचुंग-युमथांग-युमे-समदोंग
  10. सिरवानी-तमी-दमथोंग-राबंगला-मेईनाम-
  11. दमतांग-टैनडांग-दमथांग-राबंगला-मेईनाम
  12. यांगांग-सिंगचुथाग-सिरवानी
  13. राबंगला-मेईनम-बोरोंग/पोलोउत-ताशिडिंग
  14. केवजिंग-रेपोंग-तिंकिताम-लेगशिप
  15. योकसम-दजाओंगरी-थिंगसिंग-लामपोखरी
  16. उत्तेरी-चिवा-भजंग-धोंड-गारखेत-ओकतक-डिजोंगरी
  17. हिल्ली-वेरसी-सिंगालिला-चिवभंजांग (उत्तेरी को छोड़कर)
  18. हिल्ली-वेरसी-देनतम (पिलिंग को छोड़कर)
  19. पिलिंग-सांगचोलिंग-खेचेपरी-युदसोम-दुबदी-सिनोन-ताशिडिंग
  20. पेमायंगत्से-योकसम-जोंगरी या रंगपो-योकसम-जोंगरी
  21. गंगटोक-तांगसू (छंगु) झील
  22. गंगटोक-फोडांग-मंगन-सिंधिक-टोंग-चुंगथांग-लाचुंग-युमथांग

 

मांउटेन बाइकिंग 10 हाइट वाटर स्पोर्ट्स रूट

 

  1. गंगटोक-रूमटेक-सांग-सिरवानी-तेमी-दमथोग-रावोंग
  2. केवजिंग-ताशिडिंग-योकसम-ग्यालजिंग-देनताम-टिनचेंगपोंग-सोरेंग-जोरेथांग-मिल्ली
  3. गंगटोक-फोडोंग-रंगरंग-दिकचू-मारवा-सिरवानी और ज्वाइंट दी तेमी
  4. गंगटोक-रूमटेक-सांग-सिरवानी-तेमी-निमची-नमथांग-रंगपो
  5. गंगटोक-रूमटेक-सांग-सिरवानी-तेमी-निमची-नमथांग-रंगपो

 

व्हाइट वाटर स्पोर्ट्स रूट

 

  1. चुंगथांग-दिकचू-सिंगताम-मिल्ली
  2. लेगशिप-जोरेथांग-मिल्ली

आरएपी के अंतर्गत आने वाले स्थान

  1. गंगटोक
  2. रूमटेक
  3. फोडोंग
  4. पेमायंगत्से

 

5. कौन जारी कर सकता है ?

 

सामान्य जांच के बाद अधिकतम 30 दिन की अवधि के लिए ऊपर उल्लिखित स्थानों के लिए विदेशी पर्यटक दलों के लिए संरक्षित क्षेत्र परमिट जारी करने के लिए निम्नलिखित प्राधिकारियों को शक्तियां प्रत्यायोजित की गई हैं:-

 

  1. गृह मंत्रालय
  2. विदेशों में स्थित सभी भारतीय मिशन
  3. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अमृतसर, हैदराबाद और बंगलौर स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफ आरआरओ) ।
  4. गृह आयुक्त, अरूणाचल प्रदेश सरकार, ईटानगर
  5. अरूणाचल प्रदेश के दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त और सचिव (पर्यटन) ।

 

ऊपर (i) से (v) में उल्लिखित अधिकारियों के अलावा परमिट जारी करने के लिए सिक्किम में निम्नलिखित अधिकारी भी सक्षम हैं:-

 

  1. सिक्किम राज्य सरकार के मुख्य सचिव/गृह सचिव/सचिव (पर्यटन)
  2. महानिरीक्षक पुलिस, सिक्किम, गंगटोक
  3. सहायक निदेशक (पर्यटन), सिक्किम सरकार, सिलीगुड़ी
  4. उप निदेशक (पर्यटन), सिक्किम सरकार, नई दिल्ली
  5. स्थानिक आयुक्त, सिक्किम सरकार, नई दिल्ली
  6. सहायक स्थनिक आयुक्त, सिक्किम सरकार, कोलकाता
  7. पर्यटन अधिकारी, रेंगपो
  8. उपायुक्त, दार्जलिंग
  9. उपसचिव/अवर सचिव, गृह विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार, कोलकाता

 

6. शर्तें जिनके अंतर्गत गृह मंत्रालय द्वारा मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड राज्यों को 31 दिसंबर 2012 तक पीएपी जारी करने की छूअ दी गई है ।

 

भारत म्यांमार की सीमा से 16 कि.मी. परे रहने वाले म्यामांर के नागरिक को मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड राज्यों की यात्रा पर आने के लिए गृह मंत्रालय का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना अपेक्षित होता है ।

 

अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान के नागरिकों और इस देश के मूल निवासी विदेशी नागरिकों को मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड की अपनी यात्रा से पहले गृह मंत्रालय का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना अपेक्षित है ।

 

इन राज्यों की यात्रा पर आने वाले सभी विदेशी नागरिक अपने पहुँचने के 24 घंटे के अंदर उस जिले के एफआरआरओ के पास अपना पंजीकरण कराएंगे जिसकी वे यात्रा कर रहे हैं ।

 

7. आरएपी और पीएपी के अंतर्गत परमिट प्राप्त करने के लिए राज्य विशिष्ट की सूचना

 

उत्तर पूर्वी क्षेत्र की राज्य सरकारों की वेबसाइटों के लिंक नीचे दिए गए हैं जिनमें यह सूचना प्रदान की गई है कि आरएपी ओर पीएपी के अंतर्गत परमिट कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं ) अलग-अलग राज्य की शर्तें और प्रतिबंध पृथक-पृथक हैं ।
 

अरुणाचल प्रदेश

 

मणिपुर

 

मिजोरम

 

नागालैंड

 

सिक्किम (जारी…)

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श्री ब्रजेश मिश्रा, निदेशक